后来我们相遇 | 小林2015摄影总结
2018/10/4 21:57:40 小林

    

     该怎样总结刚过去的2015呢?

     这不算一个太好的年份,也不算一个太差的年份。

     对于大多数人来说,只算是平淡而微带波澜的一年吧。

     这一年,微信彻底成为生活一部分,人们用着或快或慢的网速,寻觅旧友,结识新知,

     倾吐心事,发现商机。

     于是,我们认识,我们告别,

     我们重逢,我们遗忘。

     然而,有些事情必定是不会忘记的。

     每人都是孤独的宇宙,在各自的轨道上漂泊。

     直到,后来,我们相遇。

     我不曾忘却,希望你也记得。

     有人说,听到这首歌会想起我拍的照片:

    

    

     2015年的元旦,广州公交车上的孩子。

     久违的阳光洒落车厢,堵车也没那么烦心了。

    

     澳门的骑楼下,许老先生的发廊开了五十年。

     善良的人才会怀旧,山河故人,念念不忘。

    

     贵阳青岩,淡淡夕阳里冬天也觉温暖。

     玫瑰冰粉,状元蹄,恋爱豆腐果,丝娃娃,是让人销魂的贵州味道。

     原来以为丝娃娃是女生的食物,后来发现真的很好吃。

    

     贵阳,寒雨里憔悴的腊梅,在一个咖啡馆独自坐了很久。

     窗外的贵阳城,凄风冷雨,像是灰蒙蒙的心境。

    

     昆明滇池,海埂公园,喂海鸥的老人。

     大风狂吹,乱了湖边的杨柳。

    

     昆明老城,男孩拿石头在铁轨上敲打玩耍,

     只不知,漫长铁轨那头,有没有人在听。

    

    

     大理,人民路上的一米阳光,不知何时起,来大理成了每年的必选。

     明年夏天,打算在人民路街头摆个摊子,在扇子上给人画像卖,画得像收100,不像50。

     小本经营,暂招不起助理。

    

     巍山古城,始终是云南我最喜欢的地方。

     巍山好多好吃的,豌豆粉,烤肉,一块有两斤重的冬瓜糖。

     集市里卖豆腐的姑娘很美,然而很羞涩。

     为了让她给我拍张照,费尽了口舌。

     直到最后她爸闻讯赶来,对我说:“快走,别在这耍流氓!”

    

     大理喜洲,海角的最后一抹夕阳。

     我们走尽天涯海角,却终于是要离别。

    

     云南沙溪的那天,河边的密云飘忽不定。

     阳光若隐若现,终于在即将落山的几分钟,将余光涂满树梢。

    

     云南剑川,帽子是上个世纪七十年代的样式。

     老板娘说:这样的帽子,如今也只有这里的老人家戴戴了。

    

     大理,在朋友的院子里闲坐,红茶或绿茶随意。

     我们喝茶,不过是品尝着彼此的心思。

    

     丽江,火锅餐厅里,无聊玩耍头发的女服务员。

     丽江难得这样安静的时刻,没有灯红,没有酒绿,只有等待晚饭的时光。

    

     长沙,熏肉在城市的街头晾起。

     街头巷尾满是烟熏的味道。

    

     湛江,故乡的海。

     我们反复出发,反复回归。

     反反复复,却再也回不到原点。

    

    

     过年,故乡的出海渔民。

     世间的辛劳,一切都有价值。

    

     贵阳,晚樱花落如雨。

     人间三月,暖阳一春。

    

     西江千户苗寨,旅游业已经很兴旺了。

     清晨爬上迷雾的山头,苗寨旧梦依稀,只不见了孤独吹笙之人。

    

     黔东南苗寨,一户人家在做法事。

     悲凉的唢呐响彻夜空,此刻的村子却异常安静。

    

     黔东南梵净山,雾起苍茫不知何处。

    

     三月之末,西藏林芝。

     雅鲁藏布江的峡谷里,春水方生。

     春风十里,雪山白头,不如桃花一朵。

    

     林芝八一镇,退休的老严援藏三十年。

     他说,桃花看了三十年,还有什么好看。

    

     西藏林芝,烟雨中的桃花一树。

     随风飞舞的细雨落花,或更桃花的意境吧。

     “别人笑我太疯癫,我笑他人看不穿,不见五陵豪杰墓,无花无酒锄作田。”

     唐寅写这首桃花诗的时候,一定是清明有雨的黄昏时候。

    

     西藏波密桃花谷,荷锄的农人。

    

     飞机上的南迦巴瓦峰,

     这座神秘的雪峰,迷倒了无数川藏线上的旅人,

     山下云雾终年,真身难得一遇。

    

    

     广州中山纪念堂,木棉花拼成的心形。

     每年四月初,清明时节,都会去拍一次木棉。

     老树依旧,花已不同,年年的心境也在变迁。

    

     广州海珠湿地,一棵落花的树。

    

     四川大邑新场,一个以毛血旺著称的古镇。

     上一次来这里,还在大兴土木地拆建。

     如今这里已经做得古色古香,几乎看不出旧时的痕迹。

    

     成都文化公园的川剧表演。

     木偶,变脸,手影戏,锣鼓,都不过残存在为游客表演的舞台上。

     一出怕老婆的板子戏《滚灯》,倒是演得妙趣横生。

    

     好多年没怎么仔细逛过成都。

     像大多数中国城市一样,这个休闲之都也慢慢变得平庸而欠缺个性。

     在成都,难得地去看了一场电影。

     这些年忙忙碌碌,我这个电影狂人居然连电影院也很少去了,是时候该反思一下自己的生活。

    

     2015年,新书《我想给你拍张照》出版,这本书算是十年摄影流浪的一个小结,也是我一直想写的书。

     也有人问说,怎样才能在出版社出一本书?

     电子阅读时代,是出版业最兴旺也是最衰退的时刻,自己花钱玩票出本书,当然很容易,但要得到市场认可,则没那么容易。

     不知不觉已经出了六本书,要说感受的话,前几本都由出版社策划和组织,内容有很多折衷和妥协,然而也需费大量时间全力写成,质量尚可,可以不让出版社亏本。

     这样,方才有了出一本自己想写的书的机会。

     世间的难易,很难说清,不惜代价去做一件事,就是美好人生,与成败无关。

    

    

     景德镇,瓷器作坊里看电视的孩子。

     今年景德镇是去得最多的城市,做青花瓷一直是心里的一个小梦想。

     景德镇离广州不算远也不算近,然而有很多人从来没去过。

     想好就去做,困难归困难。

    

     我的青花瓷作品,没有技巧,只有脑洞。

     在景德镇,和工匠艺术家们比拼技巧是没有意义的,器物不应该有定式,内蕴才是一切。

     在我看来,一件东西不好玩,再美也是乏味的。

    

     景德镇,等待火车开过的男孩。

     这是一座陈旧普通的城市,街头乱糟糟,景德镇的魅力在于,要细细感受才能了解过往现在。

     其实,哪座城市,哪个人,不是这样呢?

    

     景德镇新都广场的夕阳里,女孩在水泥地板上,用粉笔认真画下咖啡馆、服装店、衣橱。

     我们每个人都有一个梦,高尚或平淡并不重要,重要的是你是否有决心去实现它。

    

     景德镇也并不是每人都是工艺美术大师。

     老余年轻时是个揉坯工,这是个体力活,退休后就没法做了,如今独自在老屋住着。

    

     景德镇是个与时俱进,饱含无数中国梦的地方。

     许多学艺术的年轻人,在这里开个小作坊,成为“景漂”,让老旧的景德镇瓷器,不断有新的工艺诞生。

     然而,思想上的新,依旧是硬伤。

    

    

     绍兴诸暨斯宅,一座庞大无比的可以住上百家人的古宅。一直想去看看,转了好几趟乡村中巴之后,终于去到了。

     正在整修,里面有些乱糟糟的,不过四围的山光水色很好。

    

     绍兴兰亭,永和九年,惠风和畅。

     对于喜欢书法的人来说,来这里是朝圣。

     天近黄昏,兰亭的曲水流觞很安静,夕阳落在鹅池的刻碑上。

    

     绍兴仓桥直街,江南老街的傍晚有种特别的气息,让人淡淡的安心。

    

     八字桥,在深夜的绍兴老城间游走,灯光迷乱了树影,水色折射着霓虹。

    

     杭州西湖,一只燕子掠过暮色的湖水。

     记不起多少次来柳浪闻莺了,我与西湖的缘分,不止水光山色。

    

    

     澳门三盏灯,一名年轻的小丑,表演着不太熟练的杂耍。

     今年来澳门次数也特别多,大三巴威尼斯官也街妈阁庙都不会再去。

     只是走走寻常的小巷子,在安静的海边坐坐,和钓鱼的大叔讨论一下鱼饵问题,去白鸽巢吃一碗曾荫权最爱的清汤崩沙牛腩粉,在三盏灯逛逛菜市场。

    

     广州六榕寺,常去的寺庙。

     捡了不少菩提树的落叶,回去在上面写字。

     一直想自制菩提叶脉来写经,求教完美的制作办法。

    

     2013年起,发愿抄心经千遍,两年多过去,只抄了两百遍,要抄完大概要十年后了吧。

     心经的经义,我还是不懂,只是就这样一遍遍抄下去,但要写出一张完美的心经,其实是很难的。

     这样反复抄同一篇文字,显得有点傻,但我相信,这是不聪明但最有智慧的办法。

     在无数次的重复和假装之后,我们终于会成为自己想要成为的那个人。

    

     2015年,可以算是我的国画之年。

     新书出版之后,摄影需要重新起步,不能再重复以往风格,去开创新的东西,沉迷于既有而不断复制,人会慢慢变得会很无趣。

     转折不是瞬间能完成,今年大部分时间都在写字画画上,绘画略觉小进,然而路还漫长且远。

     希望静心的阅读和思考,能给摄影带来新的滋养。

    

     暑假,回到家乡,湛江霞山的海滨公园。

     在这城市曾度过少年的十年求学时光,站在码头,远望对岸,所有往事突然奔涌而来。

    

     漫长的夏天,去大理,洱海的风花雪月。

    

     昆明的夜色,云南的云,明媚奔放,带着边陲的浪漫气息。

    

     湖南石门,黄昏的火烧云映红了半边天。

     其实,每个地方的云,都有不同的气质。

     云南浪漫,湖南热烈,江南忧郁,东北空阔。

     而中原,哦,中原很难看到云,只能说雾霾醇厚,吸起来充满传统底蕴。

    

    

     黔东南榕江,一个很安静没有游客的小城。

     侗寨的孩子们欢呼着跳入河中,河岸边数十里的大榕树浓荫如盖。

    

     榕江是珠江的发源河流,那天一个人,在榕江城里最好的酒店,点了一大锅最贵的珠江野鱼做酸汤鱼,那酸爽鲜美,回忆起来就想立马再去一趟。

     榕江不远,广州坐高铁三小时就可到。

    

     榕江的老街,老吴赶在晚饭前,打一个蒸笼的盖子。

     旧时家里的东西坏了,会去修,现在都是直接换一个。

     以修锅补镬为主业的白铁铺,正在慢慢消亡,以后不提,大概也不会有人想起来了。

    

     盛夏时节,和学校的同学们一起,去贵州的织金县做长角苗的野外实训和田野调查。

     化董村深藏在万山之中,交通闭塞,几无外人过往。这里隐居着最后的长角苗部族。

     妇女头上扎起两角,角上绕有2-4公斤重的头发,放眼望去,就像顶着一轮弯月。这些巨大发髻都是用一支长角木梳和亡故祖先的头发,再加上黑麻毛线盘成,发髻盘得越大则越美。

    

     这次旅行,是一次艰苦的拍摄。

     与世隔绝的村寨里,四五天没洗澡,没床睡,还经常被山里突如其来的暴雨淋得湿透。为了吃块肉,要爬两小时山路去赶六天一次的集。

     最后,发现整只土豆煮熟了之后,蘸干辣椒来吃也挺美味的。

    

     化董村的山顶祭台,晨雾飘过山谷很美。

     最近好像很多在山里隐居的炒作,似乎那些躲在山里一个人住的年轻人,都飘逸如神仙。

     但我总怀疑这是一种变相卖情怀的商业行为。

     因为,真正的隐居,就是谁都不告诉,而不是精心编出一篇图文并茂的推文。

    

     其实,真正山里的隐居,是为了生存,从清晨到深夜的艰苦劳作。是一日三顿永无新奇的清水煮土豆沾辣椒面。是日复一日背着柴火草捆走几十公里山路。

     哪有什么禅意,哪有什么小清新。

    

     不过大山里的孩子们还是很快乐的,很喜欢听他们的笑声。

     贵州深山孩子的生长尤苦,希望以后能组织一些活动,给他们提供一些切实的帮助。

     也望有此愿的朋友,到时可以一起合作。

    

     贵州织金洞,壮观神奇,值得一看。

    

     贵州织金,刘先生正在精心为他的斗鸡洗澡。

     这里有斗鸡的习俗,真正好的斗鸡都是头上没毛的,有毛的都被搏斗扯没了。

     刘先生说,我这只是常胜将军,从无败绩!每天给它洗澡!

    

     贵州织金,做蜡染人的一双手。

     每张蜡染的图案,复杂繁琐精美,要消磨苗女们漫长的时光。

    

     月末,上海新书签售会,遭遇一场迷蒙的暴雨。

     生平最怕签售会,万一没人来,竖坐在那里会羞愧欲死。

    

    

     沈阳深夜的兴顺夜市。

     看来,烤猪尾巴的老板,对旁边烤猪蹄的老板,觊觎已久。

    

     辽宁辽阳,大清帝国的龙兴之地,曾经的日本关东军大本营。

     辽代的白塔下,老建筑曾是侵华日军的司令部,一个人看守房子的老陈无聊得发疯,看到我们憋不住滔滔不绝。

     老陈说,这座建筑的历史吧,就是日本人来了,俄国人跑了;共产党来了,日本人跑了;国民党来了,共产党跑了;再后来,共产党又来了,国民党又跑了,大概就是这样。

    

     辽宁本溪至丹东一线,号称中国最美枫叶大道。

     时间还早,枫叶还没全红,只是深红浅黄的错落。

     然而赏枫的人潮也还没到,山路弯弯,秋色宁静,如此甚好。

    

     本溪的峡谷,溪水蜿蜒。

     遇到一家在溪边野餐熬汤的,蹭了一碗羊肉汤喝,好鲜美!

    

     桓仁,满族自治县,一座安详干净的小城市。

     席间,桓仁的朋友谈起隆冬踏雪带狗进山打野猪的经历,听得心念大动,下次一定要冬天来一趟。

    

     辽宁丹东港,吃了生平最生猛的海鲜刺身。

     生的虾爬子,生的连壳海捕大虾,生的螃蟹,随便洒点姜醋就端上来。

     鲜甜得根本停不下来啊!

    

     丹东港,中朝边境的鸭绿江出海口。

     对岸就是神秘遥远的朝鲜。

    

     辽宁东港,边境的小码头,渔民李先生推着大批的酒上船出海。

     李先生说,这些酒是进入朝鲜海域打鱼时,孝敬朝鲜官员用的。

     李先生又说,以前礼物都是送给崔龙海及其手下,我们建立了良好的国际友谊。后来,崔龙海被犬决了,一切又得重头再来,好麻烦。

    

     辽宁东港,涨潮的滩头。

     所谓伊人,在水一方,岁月的潮水涨起,最后只剩一片空茫。

    

    

     新疆那拉提,这里是边疆牧歌的诗意之地。

     去过的空中草原,上次就有被惊艳到,这次的重逢,美妙有如初见。

    

     新疆那拉提,哈萨克族驯鹰者。

     驯鹰不易,需要训鹰人投入全部心血,精心喂养,悉心关照,磨合数年,方能褪去野性,成为一辈子的忠诚好朋友。

    

     新疆那拉提,朝阳里的山谷。

     一头小公牛,黏糊着一头小母牛。

     等了好一会,都没等到他们开始 耍流氓

     要回去吃早饭了,好失望,应该再等一会的。

    

     新疆那拉提,秋天的风景,得和着温度来赏。

     清凉的风,吹过山谷,昨夜的霜,冷红了树。

    

     新疆那拉提,山谷里,阿克里克正寻找跑丢的牛。

     山谷里的日落,总是特别快。

    

     新疆那拉提,坐在草原上,就像坐在南方的海边。

     牛羊如小舟,出没漫漫草海中。

     这是一种可以让人安静、谦恭、沉默的视线。

    

     新疆那拉提,不走寻常路,驾驶越野车翻越天山。

     那路其实就是牛羊转场的泥泞小道,所以一路都得给牛群马群羊群让路。

     翻越山顶的一段,泥泞艰险,开车的胖子大叔大呼过瘾。

    

     新疆那拉提,黄得纯净一片的白桦林,安静得没有风。

     像极旧时,日式浮世绘的一张漆画。

    

     新疆那拉提,暮色里的马。

     提起新疆,很多人都心存畏惧。

     其实,只有自己去过,才知道,所有的恐慌都是想象中的。

     新疆是中国最安全的地方。

    

    

     故乡湛江,冬季的海。

     每一次告别,每一次回首,都像那无尽的海。

    

     丽水,大叔在廊桥上,清唱着八十年的流行曲。

     桥上闲坐歇凉的老邻居们,似听非听。

     我们都被留在,自己青春时代的流行歌曲里。

    

     河边的黄昏,漫天夕阳的醉红,无声流水的碧幽,它们交融湮没,又攸忽分开,彼此变幻无定。

     如果拍一张看不到夕阳和晚霞的日落照片,应该怎么拍?

     我想用这张照片做答案。

    

     乡间流浪表演为生的婺剧团,生活漂泊,谋生艰难。

     他们精心涂画脸谱,在戏台上跳跃翻滚、对打跟斗、怒目圆睁、仰天长啸,无论台上台下,大家都知道不是真的,然而还是互相表演娱乐着。

     我们在看戏的同时演着戏,慢慢忘记了自己的素颜。

    

     苏州留园,一场清冷的细雨,淋湿了秋意。

     你还没来,我却不想走了。

     苏州园林处处,但还是最喜欢留园,可能也只是喜欢这一个 字。

    

     苏州留园,《时光映画》封面照片拍摄的原地点。

     秋叶还没落尽,露珠还没挂上树梢。

    

     顺便插播下小广告,《时光映画》现在当当网半价,只要16块了~

    

     兴福寺的后院,细雨中的秋色,带着江南淡淡忧郁的韵致。

     清晨入古寺,初日照高林。竹径通幽处,禅房花木深。

     前贤此诗写到了极致,不必我再多说什么了。

    

     相见和别离,永远是一个轮回。

     你走后,突然就到了冬天。

    

    

     十二月初,和来自全国各地的三十位朋友相约景德镇做瓷,许多还是千里迢迢多次转车到达的。

     我们一见如故,相处甚欢,玩得尽兴,逢酒必醉。

     天青色烟雨寒气逼人的作坊里,大家都在画出心底似锦繁花的暖阳。

     后来大家纷纷要求再组织类似的出游,后来这个群变成了疯狂的发红包群,我没事都会上去看看,不然常常错过好几个亿。

     期待我们的重逢。

    

     我们这个以做瓷为名的吃喝玩乐腐败团,去瑶里古镇的时候,人品大爆发,遇到了难得的雨后初晴,烟云缭绕的美丽秋色。

     大家欢呼雀跃,然而我讲摄影技巧讲得嗓子都哑了。

     不过很开心,因为我们的相遇。

    

     天气晴好的时候,还是会去广州的西关老城区走走。

     没什么想拍的时候,就不会强行举起相机,我们的眼和心,才是最好的相机和存储卡。

    

     12月,北京的雾霾最严重的夜晚,带着口罩,专门去拍央视裤衩大楼。

     那楼除了朦胧的灯光,轮廓都几乎看不清了,空气呛人,很可怕。

     楼下的马路上,几无行人,只有零星几个推着折叠自行车的代驾司机站在街口等候。

     我问滴滴代驾的大哥,怎么不带个口罩。

     大哥说,口罩十块钱一个,戴不起。

    

     隆冬,飞机降落加格达奇,我们要去内蒙古呼伦贝尔的鄂伦春自治旗。

     那里位于大兴安岭的深处,冬季气温都在三十度之下。

    

     鄂伦春是中国最后一个狩猎民族。

     他们骑马驱犬,在冬季的林海雪原中追逐狩猎狍子野猪山鸡。

     把狍子的皮剥下来,做成帽子和皮衣,以白桦皮为水碗酒杯,只需一盏简陋的帐篷,和足够的弹药盐巴,便可以于密林中狩猎生活数月。

    

     鄂伦春甘河,冬季的不冻河冒着热气,蒸腾出漫山遍野的雾凇。

     把能穿的衣服都穿在身上了,还是冷得发抖,零下四十度的日出清晨,尽管穿了三条裤子,还是感觉像光着腿站在雪地里。

    

     同去的摄影师泡鱼儿,由于睫毛太长,上下眼睫毛被霜冻得直接黏住,眼睛都睁不开,十分痛苦。

     我状况也差不多,冷得够呛,不过幸好眼睛没事,不知该开心还是不开心……

    

     大兴安岭的深处,雪厚及膝,荒无人烟,雪上全是野兽的脚印。

     在雪中蹒跚独行,相机早已冰封,对焦系统也开始失效。

     已经忘记,当时在想什么了。

     远方虽远,脚随心及,严寒也算不上什么。

    

     我总认为,在路上,遇见瑰丽的风景,遇见很好的人,其实都不必雀跃。

     人生所有的旅行,最后都不过是,为了和自己的内心遇见。

     直到后来,我们相遇,

     一见如故,念念不忘。

     或许,你就是我的另一个自己吧。

     文末的彩蛋

    

     前几天,大家都要求看小林的自拍,就勉为其难地放一张吧~

     这张照片拍摄于零下三十度的鄂伦春雪原日出,感谢同行的弹指间童鞋帮我留影。

     拍摄技巧是:拿一保温壶的滚烫热水,快速洒向天空,极低的气温下,热水会在半空中凝固成雪花落下,所以是不会被烫到的。

     (为了保证拍摄成功率,我们特地拎了一大暖壶热水过去,每个人洒了一次)

     好了,看到这里想必浪费了您不少的时间,这时间就是对我最大的赞赏。

     2015的总结,又拉拉杂杂写了这么多,人在回忆往事的时候,总是难免啰嗦。

     期待着,在不远的未来,可以与你相遇。

     【关于作者】

     小林(林帝浣)

     立志做摄影界书法最美的段子手,漫画界文笔最好的美食家,然而小林毕业于临床医学系。

     代表著作:《凡是过去,皆为序曲》、《初相遇·若重逢》、《等一朵花开》、《时光映画》、《我想给你拍张照》、《诗经绘》、《遇见新疆》、《中国最值得拍摄的50个绝美小镇》等

     微信:inkcn020 微博:@林帝浣

    

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